जो मुझको मिला या समझ मे आया
आया कही से भी, अलग लगा,
सुरुचिपूर्ण लगा, बुरा लगा,
आया कही से भी, अलग लगा,
सुरुचिपूर्ण लगा, बुरा लगा,
विचारो मे आया, जो आया डाल दिया
आपको पसंद आया तो ठीक नहीं तो
आगला ब्लॉग पढ़ ना भाई...
कहै को आपने मन मे कचरा के लिये
विचारो का संग्राम कर रहे हो!
चिलम जगाओ यार....
प्रेम की .... विकास की... ज्ञान की...
यही सब है मेरा कचरा
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